Shayari Blog Rajput Shayari Attitude शान, स्वाभिमान और खून में बसी राजपूताना अकड़ — दो लाइनों में। राजप...
राजपूताना सिर्फ एक इतिहास नहीं, यह एक ज़िंदगी जीने का तरीका है — जहाँ सिर झुकाना नहीं, बस्ता ही उठाना सिखाया जाता है। शान और स्वाभिमान इस मिट्टी में घुले हुए हैं, और यही जज़्बा हर राजपूत की रगों में बहता है।
यहाँ हार मानना नहीं, डटकर खड़े रहना सिखाया जाता है। चाहे हालात कैसे भी हों, सर ऊँचा रखना ही असली पहचान होती है। यही अकड़, यही ग़ैरत, यही असली अटीट्यूड है।
यह कलेक्शन उन सभी के लिए है जो अपनी जड़ों पर गर्व करते हैं और अपने स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं करते — शान से जीना और शान से रहना, यही राजपूती अंदाज़ है।
सिर कटा सकता है, झुक नहीं सकता,
यही असूल है राजपूती खून का।
तलवार से नहीं, नज़रों से जीत लेते हैं,
यही अंदाज़ है हमारी शान का।
जिस मिट्टी में जन्मा हूं मैं,
वहां हार शब्द का कोई मतलब नहीं।
आन-बान-शान के लिए जीते हैं,
ज़िंदगी में समझौता कभी नहीं करते।
मूंछों पे ताव और आंखों में गैरत,
यही पहचान है मेरी शख्सियत की।
डरना हमारे खून में नहीं,
हार मानना हमारी फितरत में नहीं।
राजपूती शान है ये मेरी पहचान,
झुकना नहीं आता, चाहे जाए जान।
वादा निभाना सिखाया गया है हमें,
टूटना नहीं, बस झुकना नहीं आता।
किले नहीं, दिल में बसती है शान हमारी,
हर राजपूत की नस-नस में है यही तासीर।
गर्दन झुके तो सिर्फ माथे टेकने को,
दुश्मन के सामने कभी नहीं।
रगों में बहता है वीरों का लहू,
हर कदम पर दिखती है असली शान।
जुबान से नहीं, किरदार से पहचान बनती है,
यही सीख मिली है अपने बुज़ुर्गों से।
हार कर भी हौसला नहीं टूटता,
यही तासीर है राजपूताना खून की।
दुश्मन गिनता रहे ताकत अपनी,
हम तो बस अपनी ग़ैरत पर जीते हैं।
शब्दों से नहीं, नियत से जाने जाते हैं,
यही असली पहचान है राजपूती किरदार की।
कमज़ोर समझने की भूल मत करना,
यह वही खून है जो कभी झुका नहीं।
जीत हो या हार, सर ऊंचा ही रहेगा,
यही है असली राजपूती अंदाज़।
वादा तोड़ना नहीं जानते हम,
चाहे उसके लिए सब कुछ लुटाना पड़े।
दुनिया झुकाने की कोशिश करती रहे,
हम अपनी शान से कभी नहीं डिगते।
इतिहास गवाह है हमारी बहादुरी का,
आज भी वही रौब बरकरार है।
रक्षा करना धर्म है अपना,
यही सिखाया गया है हमें बचपन से।
तूफानों से लड़ना आता है हमें,
झुकना तो सीखा ही नहीं कभी।
विरासत में मिली है हमको गैरत,
हर नस्ल में यही जज़्बा बहता रहेगा।
शान से जीना, शान से मरना,
यही है असली राजपूती किरदार।

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