Shayari Blog 2 Lines Naraz Shayari रूठे हुए दिल की बात — दो लाइनों में नाराज़गी नाराज़गी हमेशा नफ़रत नही...
नाराज़गी हमेशा नफ़रत नहीं होती, कभी-कभी यह सिर्फ इस बात का सबूत होती है कि दिल को किसी की परवाह अब भी है। जो जितना करीब होता है, उससे उतनी ही जल्दी रूठ जाने का हक़ भी बनता है।
कुछ नाराज़गियां शब्दों से नहीं, बस खामोशी से बयां होती हैं। ना कोई शिकायत ज़ुबान पे आती है, बस आंखें और अंदाज़ ही सब कुछ कह देते हैं। यह गुस्सा असल में अनकहे प्यार का एक हिस्सा होता है।
यह शायरी उन सभी दिलों के लिए है जो कभी रूठे हैं, नाराज़ हुए हैं — पर अंदर ही अंदर मनाए जाने का इंतज़ार भी करते रहे हैं।
The Collection
01 / 24
नाराज़ हूं तुझसे, पर बेवजह नहीं,
तेरी बेरुखी को अनदेखा कर ना सकी।
तेरी बेरुखी को अनदेखा कर ना सकी।
02 / 24
रूठे हैं हम, पर मनाना तेरा फ़र्ज़ है,
क्योंकि दिल अब भी तुझसे ही जुड़ा है।
क्योंकि दिल अब भी तुझसे ही जुड़ा है।
03 / 24
खामोशी में भी शिकायत छुपी है,
बस तुझसे कहने की हिम्मत नहीं है।
बस तुझसे कहने की हिम्मत नहीं है।
04 / 24
नाराज़गी दिखाई है, नफ़रत नहीं,
अब भी इंतज़ार है तेरी माफ़ी का।
अब भी इंतज़ार है तेरी माफ़ी का।
05 / 24
गुस्सा तो बस ऊपर-ऊपर है मेरा,
अंदर से अब भी तेरा इंतज़ार है।
अंदर से अब भी तेरा इंतज़ार है।
06 / 24
जो नाराज़गी बिन कहे समझ जाए,
वही रिश्ता सबसे सच्चा कहलाए।
वही रिश्ता सबसे सच्चा कहलाए।
07 / 24
रूठना भी हक़ है उनका जो करीब हों,
वरना अजनबियों से नाराज़गी कैसी।
वरना अजनबियों से नाराज़गी कैसी।
08 / 24
बातें बंद हैं, पर दिल जुड़ा है अब भी,
बस मनाने का तरीका ढूंढ रही हूं मैं।
बस मनाने का तरीका ढूंढ रही हूं मैं।
09 / 24
नाराज़गी में भी उम्मीद बाकी है,
तेरी एक सॉरी की तलाश बाकी है।
तेरी एक सॉरी की तलाश बाकी है।
10 / 24
जितनी नाराज़गी है दिल में तेरे लिए,
उतना ही प्यार भी छुपा है अंदर।
उतना ही प्यार भी छुपा है अंदर।
11 / 24
रूठे हुए दिल को मनाना आसान नहीं,
पर कोशिश करना भी छोड़ना नहीं।
पर कोशिश करना भी छोड़ना नहीं।
12 / 24
नज़रें फेर लीं पर दिल नहीं फेरा,
बस थोड़ा वक्त चाहिए मुझे तेरा।
बस थोड़ा वक्त चाहिए मुझे तेरा।
13 / 24
बात नहीं करती इसका मतलब नहीं,
कि मुझे तेरी परवाह अब नहीं है।
कि मुझे तेरी परवाह अब नहीं है।
14 / 24
नाराज़गी दिखाना भी एक भाषा है,
जो सिर्फ अपनों के लिए ही आसान है।
जो सिर्फ अपनों के लिए ही आसान है।
15 / 24
तेरी एक कॉल का इंतज़ार है अब भी,
नाराज़गी के पीछे बस प्यार है अब भी।
नाराज़गी के पीछे बस प्यार है अब भी।
16 / 24
गुस्सा दिखाया, पर दिल में जगह वही है,
बस थोड़ी मनुहार की ज़रूरत है अभी।
बस थोड़ी मनुहार की ज़रूरत है अभी।
17 / 24
जो नाराज़ होकर भी साथ ना छोड़े,
वही रिश्ता सबसे मज़बूत कहलाए।
वही रिश्ता सबसे मज़बूत कहलाए।
18 / 24
चुप्पी मेरी नाराज़गी की निशानी है,
पर तेरी माफ़ी का इंतज़ार भी बाकी है।
पर तेरी माफ़ी का इंतज़ार भी बाकी है।
19 / 24
रूठना आसान है, मनाना मुश्किल,
पर सच्चा प्यार दोनों निभाना जानता है।
पर सच्चा प्यार दोनों निभाना जानता है।
20 / 24
नाराज़गी में भी तेरी फ़िक्र है मुझे,
बस अभी बात करने का मन नहीं है।
बस अभी बात करने का मन नहीं है।
21 / 24
एक सॉरी और थोड़ा प्यार चाहिए,
नाराज़गी मिटाने को बस इतना काफ़ी है।
नाराज़गी मिटाने को बस इतना काफ़ी है।
22 / 24
दिल तो अब भी तेरा ही पुकारे,
बस ज़ुबान पे नाराज़गी है सारी।
बस ज़ुबान पे नाराज़गी है सारी।
23 / 24
रूठे हैं हम मगर टूटे नहीं हैं,
तेरे इंतज़ार में अब भी रुके हैं हम।
तेरे इंतज़ार में अब भी रुके हैं हम।
24 / 24
नाराज़गी की उम्र छोटी ही सही,
पर मनाने वाला हाथ बड़ा होना चाहिए।
पर मनाने वाला हाथ बड़ा होना चाहिए।

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