Shayari Blog चांद शायरी 2026 रात के आसमान में चमकते चांद पर लिखी गई खूबसूरत हिंदी शायरी का संग्रह चांद हमे...
चांद हमेशा से ही प्रेम और विरह दोनों का प्रतीक रहा है। कभी वो प्रेमिका के चेहरे सा खूबसूरत लगता है, तो कभी वो अकेली रातों का साथी बन जाता है। हर कोई चांद को देखकर अपनी ही कहानी में खो जाता है।
रात के सन्नाटे में जब चांद अपनी पूरी रोशनी बिखेरता है, तो लगता है जैसे वो हर किसी की चुप्पी को समझ रहा हो। शायरों ने सदियों से चांद में अपनी भावनाएं ढूंढी हैं — कभी खुशी, कभी दर्द, कभी सिर्फ खामोश सुकून।
यह शायरी उसी चांद के जादू को शब्दों में समेटने की कोशिश है। स्टेटस पर लगाओ, किसी खास को भेजो, या बस पढ़कर आसमान की तरफ देखो और महसूस करो यह खूबसूरती।
The Collection
01 / 22
चांद को देखकर याद आती है तेरी,
जैसे आसमान में भी तेरी झलक बसी हो.
जैसे आसमान में भी तेरी झलक बसी हो.
02 / 22
चांदनी रात में तन्हा बैठा हूं,
चांद से पूछता हूं तेरा हाल है कैसा.
चांद से पूछता हूं तेरा हाल है कैसा.
03 / 22
चांद भी शरमाए तेरी खूबसूरती से,
आसमान में भी तेरा ही अक्स दिखे.
आसमान में भी तेरा ही अक्स दिखे.
04 / 22
हर रात चांद से एक बात करता हूं,
शायद वो तुझ तक पहुंचा दे मेरी बात.
शायद वो तुझ तक पहुंचा दे मेरी बात.
05 / 22
बादलों में छुपा चांद भी सुंदर लगे,
जैसे तू भी शरमा कर छुप जाती है.
जैसे तू भी शरमा कर छुप जाती है.
06 / 22
चांद अकेला चमकता है रातों में,
मेरा दिल भी तेरे बिना अकेला है.
मेरा दिल भी तेरे बिना अकेला है.
07 / 22
पूनम की रात, चांद की रोशनी,
दोनों में बसी है तेरी ही खूबसूरती.
दोनों में बसी है तेरी ही खूबसूरती.
08 / 22
चांद घटता-बढ़ता रहता है हर रात,
मेरा प्यार तेरे लिए वैसा ही रहता है.
मेरा प्यार तेरे लिए वैसा ही रहता है.
09 / 22
चांद की चांदनी में नहाई ये रात,
तेरी यादों के साथ गुज़र जाती है.
तेरी यादों के साथ गुज़र जाती है.
10 / 22
चांद को छूने की चाहत नहीं मुझे,
बस तुझे पास पाने की ख्वाहिश है.
बस तुझे पास पाने की ख्वाहिश है.
11 / 22
आसमान में तारे कम हैं आज,
शायद चांद तेरी ही याद में उदास है.
शायद चांद तेरी ही याद में उदास है.
12 / 22
चांद की रोशनी फीकी लगे मुझे,
जब तेरी मुस्कान की याद आती है.
जब तेरी मुस्कान की याद आती है.
13 / 22
रात ढले तो चांद निकल आता है,
तेरी याद भी वैसे ही उतर आती है.
तेरी याद भी वैसे ही उतर आती है.
14 / 22
चांद भी थक कर छिप जाता है सुबह,
मेरी आंखें तेरा इंतज़ार करती रहती हैं.
मेरी आंखें तेरा इंतज़ार करती रहती हैं.
15 / 22
चांद को गवाह बना कर कहता हूं,
तेरे बिना मेरी हर रात अधूरी है.
तेरे बिना मेरी हर रात अधूरी है.
16 / 22
चांद की ठंडी रोशनी में भी,
तेरी यादों की गर्माहट महसूस होती है.
तेरी यादों की गर्माहट महसूस होती है.
17 / 22
हर अमावस के बाद पूनम आती है,
उम्मीद है तू भी लौट कर आएगी.
उम्मीद है तू भी लौट कर आएगी.
18 / 22
चांद की तरह दूर रह कर भी,
तू मेरे दिल को रोशन कर जाती है.
तू मेरे दिल को रोशन कर जाती है.
19 / 22
खिड़की से चांद को तकता हूं रोज़,
शायद तू भी उसे उसी वक्त देखती हो.
शायद तू भी उसे उसी वक्त देखती हो.
20 / 22
चांद हर रात एक जैसा नहीं होता,
मेरा प्यार पर तेरे लिए एक जैसा रहेगा.
मेरा प्यार पर तेरे लिए एक जैसा रहेगा.
21 / 22
चांद की चांदनी बिखरी है आंगन में,
तेरी यादें बिखरी हैं मेरे दिल में.
तेरी यादें बिखरी हैं मेरे दिल में.
22 / 22
चांद रोज़ निकलता है आसमान में,
मेरी दुआएं भी रोज़ तेरे नाम होती हैं.
मेरी दुआएं भी रोज़ तेरे नाम होती हैं.

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