Shayari Blog 75+ Miss You Papa Shayari in Hindi Collection for 2026 पापा की कमी, यादों का सफ़र — दो लाइनों में दिल क...
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75+ Miss You Papa Shayari in Hindi Collection for 2026
पापा की कमी, यादों का सफ़र — दो लाइनों में दिल की बात
पापा का नाम सुनते ही जो ताकत और भरोसा महसूस होता है, वो दुनिया की किसी और चीज़ से नहीं मिलता। पर जब वो साया सर से उठ जाए, तो ज़िंदगी अधूरी सी लगने लगती है। यह दर्द शब्दों में बयां करना बहुत मुश्किल होता है।
पापा का हाथ, पापा की डांट, पापा का साथ — यह सब अब सिर्फ यादें बनकर रह जाते हैं। जो लोग अपने पापा को खो चुके हैं, उनके लिए हर दिन एक अनकहा दर्द लेकर आता है, फिर भी उनकी सीखें साथ चलती रहती हैं।
2026 के लिए तैयार किया गया यह 75+ शायरियों का संग्रह उन सभी बच्चों के लिए है जो अपने पापा को बहुत याद करते हैं — जहां पापा की कमी हमेशा दिल में रहती है, पर उनकी यादें हमेशा साथ रहती हैं।
The Collection
01 / 76
पापा की गोद अब भी याद आती है,
वो सुकून कहीं और नहीं मिलती है।
वो सुकून कहीं और नहीं मिलती है।
02 / 76
पापा बिना घर भी सूना लगता है,
हर कोना अब अकेला लगता है।
हर कोना अब अकेला लगता है।
03 / 76
पापा की डांट में भी प्यार था,
अब वो आवाज़ भी बेकरार है।
अब वो आवाज़ भी बेकरार है।
04 / 76
पापा का साया सर से उठ जाए तो,
दुनिया वीरान सी लगने लगती है।
दुनिया वीरान सी लगने लगती है।
05 / 76
जिस हाथ ने हर मुश्किल आसान की थी,
आज वो हाथ भी दूर हो गया है।
आज वो हाथ भी दूर हो गया है।
06 / 76
पापा की सीख अब भी साथ चलती है,
बस उनकी आवाज़ याद आती है।
बस उनकी आवाज़ याद आती है।
07 / 76
बड़े होकर भी बच्चे रह जाते हैं,
पापा की याद में आंसू बहाते हैं।
पापा की याद में आंसू बहाते हैं।
08 / 76
जो दर्द पापा से बांटा करते थे,
अब अकेले सहना पड़ता है।
अब अकेले सहना पड़ता है।
09 / 76
पापा की दुआ में जो असर था,
वो अब भी दिल में महसूस होता है।
वो अब भी दिल में महसूस होता है।
10 / 76
दुनिया की भीड़ में भी तन्हा हूं,
पापा के बिना अधूरा सा हूं।
पापा के बिना अधूरा सा हूं।
11 / 76
हर त्यौहार अब अधूरा लगता है,
पापा की मुस्कान बिन सूना लगता है।
पापा की मुस्कान बिन सूना लगता है।
12 / 76
पापा जैसा सहारा दुनिया में नहीं,
बिन शर्त प्यार करता कोई नहीं।
बिन शर्त प्यार करता कोई नहीं।
13 / 76
आंखें भर आती हैं ना जाने क्यों,
पापा की तस्वीर देख के यूं ही।
पापा की तस्वीर देख के यूं ही।
14 / 76
पापा की जगह कोई नहीं ले सकता,
यह रिश्ता दुनिया में सबसे सच्चा।
यह रिश्ता दुनिया में सबसे सच्चा।
15 / 76
बचपन की हर शरारत माफ़ करते थे,
पापा वो प्यार बेमिसाल करते थे।
पापा वो प्यार बेमिसाल करते थे।
16 / 76
आज भी उनकी आवाज़ याद है,
वो अपनापन अब भी याद है।
वो अपनापन अब भी याद है।
17 / 76
पापा चले गए पर सीख दे गए,
ज़िंदगी जीना सिखा गए।
ज़िंदगी जीना सिखा गए।
18 / 76
पापा का प्यार कभी कम नहीं होता,
दूरी से भी वो रिश्ता कम नहीं होता।
दूरी से भी वो रिश्ता कम नहीं होता।
19 / 76
पापा की उंगली थामकर जो चला,
वो कभी राहों में नहीं भटका।
वो कभी राहों में नहीं भटका।
20 / 76
हर मुश्किल में पापा याद आते हैं,
उनकी सीख हौसला बन जाते हैं।
उनकी सीख हौसला बन जाते हैं।
21 / 76
पापा की मेहनत कभी बयां नहीं होती,
हमारे लिए हर पल कुर्बान होती थी।
हमारे लिए हर पल कुर्बान होती थी।
22 / 76
जब भी कोई मुश्किल घड़ी आती है,
पापा की कमी सबसे ज़्यादा खलती है।
पापा की कमी सबसे ज़्यादा खलती है।
23 / 76
पापा का हाथ सर पे रहे तो,
हर मुश्किल आसान लगे तो।
हर मुश्किल आसान लगे तो।
24 / 76
वक्त बदला, हालात बदले,
पापा की याद कभी नहीं बदली।
पापा की याद कभी नहीं बदली।
25 / 76
पापा की हर बात अब समझ आती है,
जो कभी सख्त लगती थी, सच्ची लगती है।
जो कभी सख्त लगती थी, सच्ची लगती है।
26 / 76
पापा का आशीर्वाद सिर पे रहे सदा,
यही है सबसे बड़ी दुआ मेरी।
यही है सबसे बड़ी दुआ मेरी।
27 / 76
पापा के बिना दिवाली भी फीकी लगे,
हर खुशी में उनकी कमी खलती है।
हर खुशी में उनकी कमी खलती है।
28 / 76
जो ज़िम्मेदारियां चुपचाप निभाईं,
पापा ने कभी शिकायत ना दिखाई।
पापा ने कभी शिकायत ना दिखाई।
29 / 76
पापा का साथ याद आता है हर पल,
उनकी बातें अब भी लगती हैं सरल।
उनकी बातें अब भी लगती हैं सरल।
30 / 76
जो फ़िक्र पापा को रहती थी हमारी,
वो अब भी महसूस होती है सारी।
वो अब भी महसूस होती है सारी।
31 / 76
पापा के कंधों पे बैठकर देखी दुनिया,
वो नज़ारा अब भी याद है पूरा।
वो नज़ारा अब भी याद है पूरा।
32 / 76
पापा की झुर्रियां गवाह थीं,
हमारे लिए सहे संघर्ष की।
हमारे लिए सहे संघर्ष की।
33 / 76
पापा गए तो जैसे छत उड़ गई,
घर की दीवारें भी सूनी हो गईं।
घर की दीवारें भी सूनी हो गईं।
34 / 76
आज भी लगता है पापा हैं पास कहीं,
बस उनकी आवाज़ अब सुनाई नहीं देती।
बस उनकी आवाज़ अब सुनाई नहीं देती।
35 / 76
पापा की मौजूदगी ही काफ़ी थी,
बिन कहे भी हौसला मिलता था।
बिन कहे भी हौसला मिलता था।
36 / 76
आज भी फ़ोन उठाने को मन करता है,
फिर याद आता है पापा नहीं रहे।
फिर याद आता है पापा नहीं रहे।
37 / 76
पापा की मुस्कान याद आती है अब भी,
वो फ़िक्रमंद निगाहें भी याद आती हैं।
वो फ़िक्रमंद निगाहें भी याद आती हैं।
38 / 76
पापा का हर शब्द सीख बन गया,
उनका हर फ़ैसला सही निकला।
उनका हर फ़ैसला सही निकला।
39 / 76
जन्मदिन आता है, केक कटता है,
पर पापा की कमी दिल को चुभती है।
पर पापा की कमी दिल को चुभती है।
40 / 76
पापा की परछाई अब भी साथ चलती है,
बस उनका हाथ अब सर पे नहीं रहता।
बस उनका हाथ अब सर पे नहीं रहता।
41 / 76
जो रास्ता पापा ने दिखाया था हमें,
उसी पे चलकर आगे बढ़ते हैं हम।
उसी पे चलकर आगे बढ़ते हैं हम।
42 / 76
पापा की हर सीख अब भी काम आती है,
ज़िंदगी की हर राह आसान बनाती है।
ज़िंदगी की हर राह आसान बनाती है।
43 / 76
बड़ी सफलता पाकर भी अधूरा लगे,
पापा को दिखा ना पाने का ग़म रहे।
पापा को दिखा ना पाने का ग़म रहे।
44 / 76
पापा का प्यार शब्दों में नहीं आता था,
उनके काम में साफ़ नज़र आता था।
उनके काम में साफ़ नज़र आता था।
45 / 76
पापा की कुर्सी आज भी वहीं रखी है,
बस उस पर बैठने वाला अब नहीं है।
बस उस पर बैठने वाला अब नहीं है।
46 / 76
पापा से सीखा हर मुश्किल का हल,
आज भी उनकी बातें आती हैं काम।
आज भी उनकी बातें आती हैं काम।
47 / 76
पापा गए तो लगा जैसे सब कुछ रुक गया,
फिर भी ज़िंदगी उनकी सीख पे चलती रही।
फिर भी ज़िंदगी उनकी सीख पे चलती रही।
48 / 76
पापा की तस्वीर से बातें करता हूं अब,
वो सुनते हैं, बस जवाब नहीं देते।
वो सुनते हैं, बस जवाब नहीं देते।
49 / 76
पापा का साया भले ना रहा साथ,
उनकी दुआएं हैं आज भी साथ।
उनकी दुआएं हैं आज भी साथ।
50 / 76
पापा की हर बात याद रखी है मैंने,
उन्हीं की तरह जीना सीखा है मैंने।
उन्हीं की तरह जीना सीखा है मैंने।
51 / 76
पापा से सीखा हार ना मानना,
हर मुश्किल में डटकर खड़ा रहना।
हर मुश्किल में डटकर खड़ा रहना।
52 / 76
आज भी दरवाज़े की आहट पे लगता है,
पापा आए होंगे, फिर याद आता है।
पापा आए होंगे, फिर याद आता है।
53 / 76
पापा की सादगी सबसे बड़ी सीख थी,
बिना दिखावे जीना उन्हीं से सीखा।
बिना दिखावे जीना उन्हीं से सीखा।
54 / 76
पापा का गुस्सा भी प्यार होता था,
अब वो डांट भी बहुत याद आती है।
अब वो डांट भी बहुत याद आती है।
55 / 76
पापा की उंगली पकड़ के चलना सीखा,
अब बिना उनके चलना सीख रहा हूं।
अब बिना उनके चलना सीख रहा हूं।
56 / 76
हर बड़ी बात पे पापा याद आते हैं,
क्या सोचते वो, यही सोचता हूं मैं।
क्या सोचते वो, यही सोचता हूं मैं।
57 / 76
पापा की कही बातें अब समझ आती हैं,
तब लगती थीं सख्त, अब लगती हैं सही।
तब लगती थीं सख्त, अब लगती हैं सही।
58 / 76
रोज़ सुबह उठकर लगता है याद वही,
पापा की आवाज़ अब सुनाई नहीं देती।
पापा की आवाज़ अब सुनाई नहीं देती।
59 / 76
पापा का प्यार बिना शर्त होता था,
हमारे लिए हर दर्द सहता था वो।
हमारे लिए हर दर्द सहता था वो।
60 / 76
जो सपने पापा ने हमारे लिए देखे थे,
उन्हें पूरा करना अब फ़र्ज़ है हमारा।
उन्हें पूरा करना अब फ़र्ज़ है हमारा।
61 / 76
पापा की मेहनत रंग लाई है आख़िर,
काश वो देख पाते आज हमें यहां।
काश वो देख पाते आज हमें यहां।
62 / 76
पापा गए दुनिया छोड़कर सही,
पर दिल में उनकी जगह कभी खाली नहीं।
पर दिल में उनकी जगह कभी खाली नहीं।
63 / 76
पापा की हिम्मत देखकर सीखा हमने,
मुश्किलों से डरना नहीं, लड़ना है।
मुश्किलों से डरना नहीं, लड़ना है।
64 / 76
आज भी उनकी अलमारी में महक बाकी है,
पापा की यादें अब भी ताज़ा हैं।
पापा की यादें अब भी ताज़ा हैं।
65 / 76
पापा ने कभी थकना नहीं सिखाया,
हर हाल में मुस्कुराना सिखाया।
हर हाल में मुस्कुराना सिखाया।
66 / 76
दुनिया की भीड़ में भी पापा ढूंढता हूं,
हर बुज़ुर्ग चेहरे में उन्हें ही देखता हूं।
हर बुज़ुर्ग चेहरे में उन्हें ही देखता हूं।
67 / 76
पापा की छत्रछाया में जो पला हूं,
उनकी सीख को साथ लेकर चला हूं।
उनकी सीख को साथ लेकर चला हूं।
68 / 76
पापा जितनी बड़ी शख्सियत नहीं मिलती,
उनकी जगह कोई ले नहीं सकता।
उनकी जगह कोई ले नहीं सकता।
69 / 76
आज भी उनकी घड़ी पहनता हूं मैं,
जैसे उनका साथ अब भी है साथ मेरे।
जैसे उनका साथ अब भी है साथ मेरे।
70 / 76
पापा गए तो लगा हौसला भी चला गया,
फिर उनकी दी सीख से फिर उठ खड़ा हुआ।
फिर उनकी दी सीख से फिर उठ खड़ा हुआ।
71 / 76
जो कभी बचपन में सर पे हाथ रखते थे,
वो हाथ अब यादों में ही महसूस होता है।
वो हाथ अब यादों में ही महसूस होता है।
72 / 76
पापा की परवरिश ही असली दौलत थी,
जो आज हमें सही राह दिखाती है।
जो आज हमें सही राह दिखाती है।
73 / 76
हर सफलता पे पापा की याद आती है,
काश वो यहां होते, यही सोचता हूं।
काश वो यहां होते, यही सोचता हूं।
74 / 76
पापा शरीर से दूर हो गए सही,
पर उनकी सीख हमेशा साथ रहेगी।
पर उनकी सीख हमेशा साथ रहेगी।
75 / 76
पापा की कमी कभी पूरी नहीं होती,
बस यादों से दिल को समझाया जाता है।
बस यादों से दिल को समझाया जाता है।
76 / 76
2026 में भी हर पल याद आएंगे पापा,
उनकी सीख से ही जीवन सजाएंगे हम।
उनकी सीख से ही जीवन सजाएंगे हम।

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