Shayari Blog Haryanvi Shayari Sad दर्द भी अपणी बोली म्ह, जिब दिल गैल बात करै। हरियाणवी बोली म्ह जो अपणापण...
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Haryanvi Shayari Sad
दर्द भी अपणी बोली म्ह, जिब दिल गैल बात करै।
हरियाणवी बोली म्ह जो अपणापण सै, वो और कठे न्ही मिलै। जिब दिल टूट्टै सै, तो दर्द भी अपणी माटी की बोली म्ह ए सही लागै सै। ये शायरी उसी दर्द और अपणेपण की बात करै सै जो हर हरियाणवी दिल म्ह बसा सै।
ये लाइनां उन पलां खात्तर सै जिब दिल भारी होवै, जिब कोए अपणा दूर हो जावै, या जिब बस चुपचाप बैठ के कुछ सोच्चण का मन करै। हर लाइन म्ह सै वो खामोश दर्द जो शब्दां म्ह कहणा मुश्किल सै।
जो भी अपणे दर्द नै अपणी बोली म्ह कहणा चाहवै, वो ये लाइनां म्ह अपणा दिल पावैगा।
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