Shayari Blog हरियाणवी सैड शायरी दिल की गहराई तै लिक्खी गई हरियाणवी अंदाज की उदास शायरी हरियाणवी बोली म्ह ...
हरियाणवी बोली म्ह जो ठेठपन सै, वो दर्द नै भी सीधा दिल ताहीं पहुंचा देवै सै। यो कोए मीठी-मीठी बात नहीं, यो तो सीधी-साधी, माटी की सोंधी खुशबू आळी बात सै, जित्थै हर लफ्ज़ म्ह सच्चाई झलकै सै।
जिब मन उदास हो, कोए अपणा साथ छोड़ ज्या, तो या शायरी उस्से टूटे मन की बोली बण ज्या सै। ना कोए दिखावा, ना कोए बनावट — बस सीधा दिल तै निकळी बात, जो हरियाणे के हर कोणे म्ह गूंजै सै।
यो जो शब्द सैं, वो अपणेपन की मिट्टी म्ह गुंधे होए सैं। थारे स्टेटस पै, थारी बात म्ह, या फेर उस खास पल म्ह जिब दिल भारी हो — या शायरी थारे साथ खड़ी रहवैगी।
The Collection
01 / 22
जिब तै तू गया छोड़ के गाम,
दिल म्ह रह गया सूणा-सूणा काम.
दिल म्ह रह गया सूणा-सूणा काम.
02 / 22
आंख्या म्ह पाणी, होठां पै मौन,
बता दे यार, अब सै दर्द का कौण.
बता दे यार, अब सै दर्द का कौण.
03 / 22
टूटे सपणा की या कहाणी,
सुण के भी ना समझै दुनिया सयाणी.
सुण के भी ना समझै दुनिया सयाणी.
04 / 22
चौपाल पै बैठ्या सूणा-सूणा मन,
याद्दां तेरी करैं हरदम रुदन.
याद्दां तेरी करैं हरदम रुदन.
05 / 22
खेत-खलियाण भी पूछैं आज,
के होग्या तेरे दिल का राज़.
के होग्या तेरे दिल का राज़.
06 / 22
टूटी चारपाई अर उदास शाम,
याद आवै तू, बिन बताए हर काम.
याद आवै तू, बिन बताए हर काम.
07 / 22
दर्द तो अपणा सै, किस्से सुणाऊं,
हांसी के पाछै रोऊं, किस ताहीं दिखाऊं.
हांसी के पाछै रोऊं, किस ताहीं दिखाऊं.
08 / 22
गाम की गळी अर सूणा रास्ता,
तेरे बिना लाग्गै सारा वास्ता.
तेरे बिना लाग्गै सारा वास्ता.
09 / 22
मन का दर्द ना बोल्या जावै,
आंख्या का पाणी छुप्या ना जावै.
आंख्या का पाणी छुप्या ना जावै.
10 / 22
जिब तक थ्या, तो बात बणी थी,
अब तो बस याद्दां की कणी थी.
अब तो बस याद्दां की कणी थी.
11 / 22
धूल भरी सड़कां पै अकेला चालूं,
दर्द का बोझ कित्थै जाके डालूं.
दर्द का बोझ कित्थै जाके डालूं.
12 / 22
बरगद की छांह भी सूणी लाग्गै,
तेरे बिना दिन बी अंधेरा जाग्गै.
तेरे बिना दिन बी अंधेरा जाग्गै.
13 / 22
टूटे रिश्तां की या रीत सै,
हर कोए यहां बस अपणे म्ह गीत सै.
हर कोए यहां बस अपणे म्ह गीत सै.
14 / 22
मेळे म्ह भी भीड़ म्ह अकेला,
दिल का दर्द किस ताहीं बतळा.
दिल का दर्द किस ताहीं बतळा.
15 / 22
कुण्ड की सीढ़ी पै बैठ अकेला,
सोच्चूं तेरे बिन सूणा सा मेळा.
सोच्चूं तेरे बिन सूणा सा मेळा.
16 / 22
चूल्हे की आंच बी ठंडी होगी,
दिल की आग बी मंदी होगी.
दिल की आग बी मंदी होगी.
17 / 22
बिछड़ण की या रीत पुराणी,
हरेक दिल म्ह इसकी कहाणी.
हरेक दिल म्ह इसकी कहाणी.
18 / 22
रात ढळै अर तारे चमकैं,
याद तेरी म्ह आंख्या भरकैं.
याद तेरी म्ह आंख्या भरकैं.
19 / 22
साथ छोड़्या तो के होग्या यार,
दिल तो अजै भी करै इंतज़ार.
दिल तो अजै भी करै इंतज़ार.
20 / 22
हर सांझ ढळै तो याद तू आवै,
दर्द पुराणा फेर ताज़ा हो जावै.
दर्द पुराणा फेर ताज़ा हो जावै.
21 / 22
मुस्कान के पाछै दर्द छिपाऊं,
कुण्ण सुणै, किस ताहीं बतलाऊं.
कुण्ण सुणै, किस ताहीं बतलाऊं.
22 / 22
टूट्या दिल का यो हाल सै,
हर सांस म्ह बस तेरा सवाल सै.
हर सांस म्ह बस तेरा सवाल सै.

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