Shayari Blog राधा कृष्ण सैड शायरी विरह की उस पवित्र प्रेम-कथा पर आधारित हिंदी शायरी, जो हर प्रेमी दिल को छू जाती है ...
राधा कृष्ण सैड शायरी
विरह की उस पवित्र प्रेम-कथा पर आधारित हिंदी शायरी, जो हर प्रेमी दिल को छू जाती है
राधा और कृष्ण का प्रेम कोई साधारण कहानी नहीं, यह तो विरह और भक्ति का सबसे गहरा प्रतीक है। मिलन से ज़्यादा उस प्रेम में बिछड़न की पीड़ा है, फिर भी वह प्रेम कभी अधूरा नहीं लगता। यही तो इस कथा की सबसे बड़ी खूबसूरती है।
राधा की वो प्रतीक्षा, कृष्ण की वो मुरली की धुन जो दूर से सुनाई देती रहे — यह सब मिलकर एक ऐसी वेदना रचते हैं, जो सदियों बाद भी उतनी ही सच्ची लगती है। जब भी कोई अपने प्रियतम से दूर होता है, यही कहानी उसके दिल में जीवित हो उठती है।
यह शायरी उसी अमर प्रेम और विरह को शब्दों में पिरोने की एक छोटी कोशिश है। हर पंक्ति में वही तड़प है, जो राधा के हर पल में बसी थी।
कृष्ण गए तो लौटे न दोबारे.
पर कान्हा का साथ नहीं मिलता.
राधा के मन में आज भी जवानी.
कान्हा बिन हर रात अधूरी.
कृष्ण गए मथुरा, दिल में दर्द भरे.
राधा-कृष्ण का नाम है ऊंचा.
बस साथ बिताने वाला कोई नहीं.
कान्हा की यादें दिल में रहे.
राधा का प्रेम कभी नहीं ठहरी.
राधा का दिल है बस उनके नाम.
राधा का इंतज़ार कभी नहीं थमता.
कृष्ण बिन राधा के सपने चूरे.
राधा के बिन कान्हा भी उदास.
राधा-कृष्ण की यही तो नसीब.
कृष्ण के नाम में राधा हंसे.
राधा का प्रेम फिर भी न टले.
राधा-कृष्ण की प्रीत अमर सी.
कृष्ण का वादा अधूरा खोया.
वही प्रेम सबसे सच्चा हुआ.
यही प्रेम की सबसे बड़ी परिभाषा कहलाए.
राधा-कृष्ण की प्रीत कभी न ढली.
राधा-कृष्ण का किस्सा सदा कहा.

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