— Shayari Blog — महाकाल शायरी जहां काल भी झुक जाए, वहीं बसते हैं भोले के भोले महाकाल। महाकाल का नाम ही अप...
महाकाल का नाम ही अपने आप में एक शक्ति का प्रतीक है। वो समय के भी स्वामी हैं, जिनके आगे काल भी नतमस्तक होता है। उज्जैन की धरती पर बसे महाकालेश्वर की महिमा अनंत है।
महाकाल की भक्ति में एक अलग ही तेज़ और शांति दोनों का संगम है। भस्म आरती की गूंज में, "जय श्री महाकाल" के नारों में एक ऐसी ऊर्जा है जो हर भक्त के भीतर विश्वास भर देती है।
यह पोस्ट हर उस महाकाल भक्त के लिए है जो उनकी शरण में सुकून ढूंढता है। नीचे दी गई ओरिजिनल शायरियां उसी भक्ति और शक्ति को शब्दों में पिरोती हैं।
काल भी जिनके आगे झुक जाता है,
महाकाल कहलाता वही, जग जिसे पूजता है।
भस्म आरती की गूंज जब उठती है,
हर भक्त की आत्मा जग उठती है।
उज्जैन की धरती है सबसे पावन,
महाकाल का दरबार लगे है सुहावन।
जय महाकाल कहूं तो मिलता है सुकून,
हर संकट टल जाता, हर पल है मौन।
समय के भी स्वामी हैं महाकाल,
उनकी भक्ति में बीतता है हर साल।
जो महाकाल की शरण में आ जाता है,
हर मुश्किल से वो पार पा जाता है।
बाबा महाकाल का तेज़ है निराला,
हर भक्त के दिल में बसा है उजाला।
भोलेनाथ का रूप है सबसे उग्र,
फिर भी भक्तों पे करते कृपा प्रबल।
महाकाल की नगरी में शांति का वास,
हर भक्त को मिलता है यहां विश्वास।
जय श्री महाकाल की गूंज है ऐसी,
हर डर मिट जाए, हिम्मत आए वैसी।
बारह ज्योतिर्लिंगों में है सबसे खास,
महाकालेश्वर की महिमा है अविनाश।
मृत्यु के भी स्वामी हैं महाकाल,
फिर भी देते भक्तों को हर पल संभाल।
जिनके दर पे झुकता है हर काल भी,
महाकाल की भक्ति है सबसे न्यारी सभी में।
डमरू की ध्वनि से गूंजे शिवाला,
महाकाल के दर पे लगे है मेला।
भोर की आरती में बसा है जादू,
महाकाल की भक्ति से मिटे हर आंसू।
जो सच्चे मन से उन्हें पुकारे,
महाकाल कभी उसे नहीं बिसारे।
महाकाल की महिमा है अपरंपार,
हर भक्त के लिए हैं वो साक्षात करतार।
काल को भी हराने वाले हैं वो,
भक्तों का हर संकट टालने वाले हैं वो।
महाकाल के दर की है अलग ही शान,
हर भक्त के लिए वहां है सम्मान।
जिनकी भक्ति में डूबा है हर श्रद्धालु,
महाकाल कहलाते वही करतारु।
हर सांस में बसे हैं महाकाल स्वयं,
यही भक्त की सबसे बड़ी पूंजी, यही है धन।
जय महाकाल कहूं तो जीवन सुधर जाए,
हर मुश्किल राह भी आसान हो जाए।

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