— Shayari Blog — मामा पे शायरी एक रिश्ता जो दोस्ती और प्यार, दोनों का संगम है। मामा का रिश्ता बड़ा ही अनो...
मामा का रिश्ता बड़ा ही अनोखा होता है — कभी दूसरे पापा जैसा साया, तो कभी सबसे अच्छा दोस्त। बचपन में मामा के घर जाने का मतलब होता था बेफिक्री, मस्ती और ढेर सारा प्यार।
मामा वो होते हैं जो डांटते भी हैं और लाड़ भी लड़ाते हैं। भांजे-भांजियों के लिए मामा हमेशा से खास रहे हैं — हर त्यौहार पर उनकी मौजूदगी घर को और भी खुशनुमा बना देती है।
यह पोस्ट उस अनमोल रिश्ते को समर्पित है। नीचे दी गई ओरिजिनल शायरियां मामा-भांजे के इस खूबसूरत बंधन को शब्दों में पिरोती हैं।
मामा का घर था बचपन की जन्नत,
हर छुट्टी में मिलती थी वहां राहत।
मामा है तो दुनिया लगे है प्यारी,
उनके संग बीती हर शाम है न्यारी।
डांटते भी हैं, लाड़ भी लड़ाते हैं,
यही तो मामा का असली प्यार दिखाते हैं।
मामा के कंधे पर बैठकर घूमा था मैं,
आज भी वो लम्हे याद करता हूं मैं।
भांजे की हर ज़िद पूरी करते हैं मामा,
यही तो है इस रिश्ते का असली सामा।
त्योहारों पे मामा का आना है खास,
घर में आ जाती है एक अलग सी मिठास।
मामा हैं तो हर मुश्किल आसान लगे,
उनकी हंसी से हर गम दूर भागे।
मां के भाई हैं, पर दोस्त जैसे लगते,
हर राज़ मामा से हम खुलकर कहते।
बचपन की शरारतें मामा ने संभाली,
आज भी वो यादें हैं दिल में निराली।
मामा का प्यार है सबसे अलग,
बिना शर्त के देते हैं वो हर पल संग।
मुश्किल घड़ी में सबसे पहले याद आते,
मामा हर बार बनके सहारा दिखाते।
मामा के घर की वो रौनक निराली,
हर छुट्टी में जिंदगी लगती थी खाली।
पैसे भी देते, नसीहत भी देते,
मामा हर रूप में साथ हैं रहते।
मामा की गोद में बीता बचपन सारा,
आज भी लगता है वो पल था प्यारा।
मामा की हर बात में छुपा है प्यार,
यही तो है इस रिश्ते का असली सार।
मामा हैं तो त्योहार लगे हैं पूरे,
उनके बिना सब कुछ लगे अधूरे।
हर सलाह मामा की होती है सच्ची,
उनकी बातों में होती है समझदारी अच्छी।
मामा का साया है सर पे जब तक,
दुनिया की हर मुश्किल है छोटी तब तक।
दूर रहकर भी दिल है पास मामा के,
हर याद में बसे हैं वो अंदाज़ मामा के।
मामा-भांजे का रिश्ता है सबसे प्यारा,
हंसी-मज़ाक से भरा, दिल से न्यारा।
हर खुशी में मामा का साथ चाहिए,
उनकी मौजूदगी से हर पल है सुहाना जिए।
मामा एक रिश्ता नहीं, एक एहसास है,
जिनके होने से जिंदगी में खुशियों का वास है।

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