— Shayari Blog — महादेव हिंदी शायरी जटाओं में गंगा, माथे पर चांद — महादेव की महिमा है अपरम्पार। महादेव का ...
महादेव का नाम सुनते ही मन में एक अलग सी श्रद्धा जाग उठती है। वो देवों के देव हैं, सबसे सरल भी और सबसे रहस्यमयी भी। उनकी भक्ति में ना कोई शर्त है, ना कोई दिखावा — बस सच्चा मन चाहिए।
महादेव की कहानी सिखाती है कि सादगी में भी कितनी बड़ी शक्ति छुपी हो सकती है। भस्म रमाए, शमशान में बैठे, फिर भी वो सृष्टि के सबसे बड़े रक्षक हैं। उनका हर रूप एक नई सीख देता है।
यह पोस्ट हर उस भोले भक्त के लिए है जो महादेव की भक्ति में सुकून ढूंढता है। नीचे दी गई ओरिजिनल शायरियां उसी भक्ति भाव को शब्दों में पिरोती हैं।
महादेव का नाम है सबसे प्यारा,
जिसने लिया, उसका हो गया बेड़ा पारा।
भोलेनाथ की भक्ति है सबसे सरल,
थोड़े से जल से हो जाते हैं प्रसन्न प्रबल।
विष पिया था सृष्टि की खातिर,
यही तो है महादेव की सच्ची फितरत।
त्रिशूल हाथ, गले में सर्प विराजे,
महादेव की महिमा से जग सारा साजे।
जिसने महादेव को दिल से पुकारा,
उसका हर संकट हो गया न्यारा।
कैलाश पर बैठे हैं शिव शंकर,
भक्तों की सुनते पुकार हर अंतर।
डमरू की गूंज में बसा है जहान,
महादेव की भक्ति में मिलता सुकून महान।
भस्म रमाए बैठे हैं भोलेनाथ,
फिर भी भक्तों का देते हर बार साथ।
हर हर महादेव जो बोलता है,
उसका हर दुख भोले खुद ही टालता है।
शमशान में रहते फिर भी हैं देवों के देव,
महादेव की महिमा है सबसे स्वयंमेव।
नंदी पर सवार, त्रिनेत्र से देखें दुनिया,
महादेव की भक्ति है सबसे रौशनिया।
महादेव के दर पर हर कोई बराबर,
अमीर हो या गरीब, सबका है सत्कार।
जटाओं में गंगा, माथे पर चांद,
महादेव की महिमा है बेमिसाल।
सावन के महीने में महादेव की याद आती,
हर कांवड़िए के मन में भक्ति समाती।
तांडव करें जब क्रोध में आकर,
फिर भी भक्तों को रखते संभालकर।
बम बम भोले की गूंज जहां भी जाए,
हर दुख वहां से दूर हो जाए।
भांग धतूरे से भी हैं वो प्रसन्न,
महादेव की भक्ति में है सबसे बड़ा धन।
शिवरात्रि की रात है खास सबसे,
जुड़ जाता हर भक्त महादेव के रस्ते।
जो महादेव का सहारा पा लेता है,
वो हर तूफान से भी पार निकल जाता है।
महादेव की भक्ति में ना कोई शर्त है,
बस सच्चे मन से मांगी हर अर्ज़ है।
महादेव की महिमा है अपरंपार,
हर भक्त के लिए हैं वो साक्षात करतार।
हर सांस में बसे हैं महादेव खुद,
यही भक्त की सबसे बड़ी दौलत, यही है मकसद।

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