Shayari Blog Dushmani Ki Shayari दुश्मनी भी सिखाती है, कौन अपना है कौन बेगाना। दुश्मनी सिर्फ नफ़रत नहीं, क...
दुश्मनी सिर्फ नफ़रत नहीं, कई बार यह इंसान को असली सच्चाई से रूबरू करा देती है। यह वो एहसास है जो सिखाता है कि हर मुस्कुराता चेहरा दोस्त नहीं होता, और हर तारीफ़ करने वाला अपना नहीं होता।
यह शायरी उसी तजुर्बे की बात करती है — जहाँ भरोसा टूटा, जहाँ अपनों ने ही पीठ में छुरा घोंपा। हर लाइन में है वो बेबाकी और सच्चाई जो दुश्मनी के दर्द से निकलती है।
अगर तुमने भी ज़िंदगी में किसी की दुश्मनी का सामना किया है, तो यह लाइनें तुम्हारे उसी अनुभव की आवाज़ बनेंगी — बेखौफ और सीधी।
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