Shayari Blog — Emotional Edition Emotional Galti Ka Ehsaas Shayari जब गलती का एहसास, माफी से भी भारी लगे। कुछ गलतिया...
Shayari Blog — Emotional Edition
Emotional Galti Ka Ehsaas Shayari
जब गलती का एहसास, माफी से भी भारी लगे।
कुछ गलतियाँ उसी वक्त समझ आ जाती हैं, और कुछ का एहसास बहुत देर बाद होता है — जब सामने वाला जा चुका हो या दूरी बढ़ चुकी हो। यही सबसे मुश्किल ऐहसास होता है, जब पछतावा तो हो मगर वक्त हाथ से निकल चुका हो।
यह कलेक्शन उन्हीं लम्हों के लिए है — जब दिल में सच्चा पछतावा हो, कहने को शब्द कम पड़ें, और बस यही ख्वाहिश रह जाए कि काश थोड़ा जल्दी समझ आ जाता। हर लाइन में वही भारीपन है, वही ईमानदारी है।
अगर आप भी किसी गलती का बोझ दिल में लिए बैठे हैं, तो शायद यह शब्द आपकी बात कह दें — बिना कुछ छुपाए, बिना कोई बहाना बनाए।
The Collection

COMMENTS