Shayari Blog Islamic Sad Shayari दर्द भी अल्लाह की रज़ा है, सब्र में छुपी है इबादत। ज़िंदगी में दर्द और म...
ज़िंदगी में दर्द और मुश्किलें आना कोई सज़ा नहीं, बल्कि यह अल्लाह की तरफ से एक इम्तिहान होता है। हर तकलीफ़ में एक सबक छुपा होता है, और हर आंसू में एक दुआ।
यह शायरी उसी दर्द भरे सफ़र की बात करती है — जहाँ दिल टूटता है, पर सब्र नहीं टूटता। जहाँ अल्लाह पर भरोसा ही सबसे बड़ा सहारा बन जाता है। हर लाइन में है वो खामोश तकलीफ़ और वो यकीन जो कभी कम नहीं होता।
अगर तुम भी किसी मुश्किल दौर से गुज़र रहे हो, तो यह लाइनें तुम्हारे दिल की उसी खामोश दुआ को शब्द देंगी।
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