Jalne Walon Ke Liye Shayari

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Jalne Walon Ke Liye Shayari

जलने वालों को जवाब, अंदाज़ में — दो लाइनों में

तरक्की करते ही सबसे पहले जो चीज़ बढ़ती है, वो है जलने वालों की तादाद। यह दुनिया का सबसे पुराना नियम है — जब भी कोई मेहनत से आगे बढ़ता है, कुछ लोग बिना वजह उससे जलने लगते हैं। पर यही जलन असल में कामयाबी का सबूत होती है।

जो लोग सिर्फ बातें बनाते हैं, वो कभी आगे नहीं बढ़ पाते। असली जवाब शब्दों से नहीं, बल्कि अपने काम और तरक्की से दिया जाता है। जलने वालों को अनदेखा करना ही उनके लिए सबसे बड़ी सज़ा होती है।

यह शायरी उन सभी के लिए है जिन्होंने अपनी मेहनत से जलने वालों को जवाब दिया है — बिना लड़े, बिना झगड़े, बस अपने अंदाज़ में आगे बढ़ते हुए।

The Collection
01 / 24
जलने वालों की कमी नहीं होती,
तरक्की जिनकी रुकती नहीं होती।
02 / 24
जवाब देना काम नहीं है हमारा,
तरक्की करना ही मकसद है हमारा।
03 / 24
जो जलते हैं वो देखते रह जाएं,
हम अपनी मंज़िल पे बढ़ते जाएं।
04 / 24
बातें बनाने वाले बस बातें बनाएं,
हम अपने काम से जवाब दे जाएं।
05 / 24
जलन उन्हीं को होती है यहां,
जो खुद तरक्की नहीं कर पाते कहीं।
06 / 24
हमारी तरक्की उनकी नींद उड़ाए,
यही तो असली जीत कहलाए।
07 / 24
जो पीठ पीछे बुराई करते हैं,
असल में वो हमसे डरते हैं।
08 / 24
जलने वालों को अनदेखा करना सीखो,
अपनी रफ़्तार से चलना सीखो।
09 / 24
हमारी खामोशी को कमज़ोरी ना समझो,
यह तो हमारी असली ताकत समझो।
10 / 24
जो हमसे जलते हैं बिन वजह,
वो असल में हमसे हारे हुए हैं।
11 / 24
काम बोलता है, बातें नहीं,
यही फ़र्क है हम में और उनमें।
12 / 24
जो जलते हैं वो जलते रहें,
हम अपनी मंज़िल तक चलते रहें।
13 / 24
दुश्मनी नहीं, बस मेहनत रखते हैं,
यही हथियार हम अपना रखते हैं।
14 / 24
जो नज़र लगाए बैठे हैं यहां,
वो देखेंगे हमारी उड़ान कहां-कहां।
15 / 24
जलने वालों की परवाह नहीं हमें,
अपनी मंज़िल की फ़िक्र है हमें।
16 / 24
कामयाबी का यही तो नियम है,
जितनी ऊंचाई, उतनी जलन है।
17 / 24
जो हमसे आगे बढ़ता देख ना पाए,
वो अपनी हार खुद ही दिखाए।
18 / 24
हम शोर नहीं, नतीजे में यकीन रखते हैं,
अपनी मेहनत का हिसाब रखते हैं।
19 / 24
जो हमारी बुराई में वक्त गंवाते हैं,
हम अपनी तरक्की में वक्त लगाते हैं।
20 / 24
नज़रें जलती रहें, हम चलते रहें,
अपनी मंज़िल तक बढ़ते रहें।
21 / 24
जिनको हमसे तकलीफ़ है बेवजह,
वो असल में खुद से नाराज़ हैं।
22 / 24
हम मुस्कुरा के आगे बढ़ जाते हैं,
जलने वालों को पीछे छोड़ जाते हैं।
23 / 24
जो हमें नीचा दिखाने की सोचें,
वो खुद अपनी सोच में उलझें।
24 / 24
जलने वालों को यही जवाब काफ़ी है,
हमारी खामोश तरक्की ही काफ़ी है।

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