Shayari Blog Jalwa Shayari अंदाज़ ऐसा कि नज़रें ठहर जाएं — दो लाइनों में जलवा जलवा सिर्फ शक्ल का नहीं ह...
जलवा सिर्फ शक्ल का नहीं होता, यह तो अंदाज़ और आत्मविश्वास से पैदा होता है। जो इंसान अपनी पहचान खुद बनाता है, उसे किसी की तारीफ़ की मोहताजी नहीं रहती — उसकी मौजूदगी ही काफ़ी होती है।
यह जलवा किसी दिखावे का नहीं, बल्कि मेहनत और मुकाम का नतीजा होता है। जब कोई अपनी शर्तों पे चलता है, तो भीड़ खुद उसे रास्ता देती है। यही असली स्टाइल है, जो शब्दों से ज़्यादा अंदाज़ में झलकता है।
यह शायरी उन सभी के लिए है जो अपने अंदाज़ में जीना जानते हैं — बिना किसी को नीचा दिखाए, बस अपनी शान और स्टाइल के साथ।
The Collection
01 / 24
जलवा अपना खुद बनाया है हमने,
किसी की मोहताजी ना रखी हमने।
किसी की मोहताजी ना रखी हमने।
02 / 24
चाल में गरूर नहीं, अंदाज़ है,
यही तो हमारा असली राज़ है।
यही तो हमारा असली राज़ है।
03 / 24
भीड़ में भी अलग पहचान बनाई,
यही तो है हमारी शाही कमाई।
यही तो है हमारी शाही कमाई।
04 / 24
मेहनत से बनाया है ये मुकाम,
दिखावे से नहीं, ये असली नाम।
दिखावे से नहीं, ये असली नाम।
05 / 24
जो चलते हैं अपनी शर्तों पे सदा,
भीड़ खुद देती है उनको रास्ता।
भीड़ खुद देती है उनको रास्ता।
06 / 24
रौब से नहीं, किरदार से चलते हैं,
यही जलवा हमारा हर पल दिखते हैं।
यही जलवा हमारा हर पल दिखते हैं।
07 / 24
मौजूदगी ही काफ़ी है हमारी,
तारीफ़ की ज़रूरत ना रही हमारी।
तारीफ़ की ज़रूरत ना रही हमारी।
08 / 24
स्टाइल हमारा शब्दों से ज़्यादा,
अंदाज़ में झलकता है हरदम ज़्यादा।
अंदाज़ में झलकता है हरदम ज़्यादा।
09 / 24
जिनका जलवा दिल से निकलता है,
उनका असर सबसे अलग दिखता है।
उनका असर सबसे अलग दिखता है।
10 / 24
चुप रहकर भी असर छोड़ जाते हैं,
यही तो असली जलवा कहलाते हैं।
यही तो असली जलवा कहलाते हैं।
11 / 24
नाम की नहीं, काम की शान है,
यही तो हमारी असली पहचान है।
यही तो हमारी असली पहचान है।
12 / 24
हर कदम पे अपनी बादशाही है,
ना किसी की परवाह, ना गुलामी है।
ना किसी की परवाह, ना गुलामी है।
13 / 24
दिखावे से दूर, हकीकत के करीब,
यही जलवा है हमारा अजीब।
यही जलवा है हमारा अजीब।
14 / 24
रौशनी अपनी खुद बनाई हमने,
किसी की परछाई ना अपनाई हमने।
किसी की परछाई ना अपनाई हमने।
15 / 24
अंदाज़ ऐसा कि नज़रें ठहर जाएं,
बिन कहे ही सब कुछ कह जाएं।
बिन कहे ही सब कुछ कह जाएं।
16 / 24
जो अपनी पहचान खुद बनाए,
वो जलवा दुनिया देख के जल जाए।
वो जलवा दुनिया देख के जल जाए।
17 / 24
कीमत अपनी खुद तय करते हैं,
दुनिया की राय से नहीं डरते हैं।
दुनिया की राय से नहीं डरते हैं।
18 / 24
जो खुद पे यकीन रखता है सदा,
उसका जलवा हर तरफ है ज़ुदा।
उसका जलवा हर तरफ है ज़ुदा।
19 / 24
सादगी में भी शहंशाही है,
हर अंदाज़ हमारा निगाही है।
हर अंदाज़ हमारा निगाही है।
20 / 24
रास्ता बदल जाता है जब हम चलें,
यही जलवा है हमारे कदमों का।
यही जलवा है हमारे कदमों का।
21 / 24
तख्त नहीं तो क्या हुआ हमें,
दिल का बादशाह तो हैं ही हम सदा।
दिल का बादशाह तो हैं ही हम सदा।
22 / 24
जो हार के भी सर ऊंचा रखे,
असली जलवा उसी का बनता है।
असली जलवा उसी का बनता है।
23 / 24
भीड़ की तालियां नहीं चाहिए हमें,
अपनी शान ही काफ़ी है हमें।
अपनी शान ही काफ़ी है हमें।
24 / 24
जलवा खून में होता है असली,
ना ओढ़ने से, ना पहनने से बनती।
ना ओढ़ने से, ना पहनने से बनती।

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