Shayari Blog Radha Krishna Love Shayari in Hindi अमर प्रेम की कहानी, दो पंक्तियों में — राधा कृष्ण के इश्क़ का बयान...
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Radha Krishna Love Shayari in Hindi
अमर प्रेम की कहानी, दो पंक्तियों में — राधा कृष्ण के इश्क़ का बयान
राधा और कृष्ण का प्रेम किसी मिलन की कहानी नहीं, बल्कि विरह में भी परिपूर्ण प्रेम की मिसाल है। यह वो इश्क़ है जिसने कभी दूरी को दिल की नज़दीकी से कम नहीं होने दिया। यमुना के किनारे बजी हर बांसुरी में राधा का नाम गूंजता रहा।
यह प्रेम कोई साधारण कहानी नहीं, बल्कि आत्मा से आत्मा का मिलन है। जहां शरीर की दूरी हो सकती है, पर आत्मा हमेशा एक ही रहती है। यही वजह है कि सदियां बीत जाने के बाद भी राधा-कृष्ण का नाम एक साथ लिया जाता है।
यह शायरी उस अमर प्रेम गाथा को समर्पित है जिसने प्रेम की परिभाषा ही बदल दी — जहां इश्क़ पाने की नहीं, समर्पण की कहानी बन गया।
The Collection
01 / 24
राधा का नाम कृष्ण से पहले आता,
यही तो सच्चे इश्क़ का पता बताता।
यही तो सच्चे इश्क़ का पता बताता।
02 / 24
यमुना किनारे बजी जो बांसुरी,
राधा का नाम गूंजा हर सुरीली।
राधा का नाम गूंजा हर सुरीली।
03 / 24
दूरी बदन की, आत्मा एक ही रही,
राधा-कृष्ण की यही प्रीत सही।
राधा-कृष्ण की यही प्रीत सही।
04 / 24
विरह में भी जो प्रेम पूरा रहे,
वही राधा-कृष्ण सा कहलाए सदा।
वही राधा-कृष्ण सा कहलाए सदा।
05 / 24
कान्हा की मुरली जब बजती है,
राधा की आत्मा तड़पती है।
राधा की आत्मा तड़पती है।
06 / 24
प्रेम में पाने की चाह नहीं होती,
राधा का इश्क़ यही सिखाती है।
राधा का इश्क़ यही सिखाती है।
07 / 24
श्याम बिना राधा अधूरी लगे,
राधा बिना श्याम भी सूने लगे।
राधा बिना श्याम भी सूने लगे।
08 / 24
इश्क़ की सच्ची परिभाषा यही है,
बिन मिले भी साथ रहना सही है।
बिन मिले भी साथ रहना सही है।
09 / 24
वृंदावन की हर गली में प्रेम बसा,
राधा-श्याम का किस्सा हर दिल में बसा।
राधा-श्याम का किस्सा हर दिल में बसा।
10 / 24
आंखों से बिन कहे जो बात कही जाए,
वही राधा-कृष्ण का प्रेम कहलाए।
वही राधा-कृष्ण का प्रेम कहलाए।
11 / 24
प्रेम में समर्पण ही सच्चा नाम है,
राधा के इश्क़ का यही तो मुकाम है।
राधा के इश्क़ का यही तो मुकाम है।
12 / 24
कान्हा गए मथुरा, राधा रह गई यहीं,
पर प्रेम की डोर टूटी कभी नहीं।
पर प्रेम की डोर टूटी कभी नहीं।
13 / 24
इश्क़ में इंतज़ार भी इबादत है,
राधा की चाहत यही रवायत है।
राधा की चाहत यही रवायत है।
14 / 24
रास रचाया था प्रेम की खातिर,
राधा-श्याम का साथ है आख़िर।
राधा-श्याम का साथ है आख़िर।
15 / 24
जहां प्रेम हो निस्वार्थ, अटूट,
वहीं राधा-कृष्ण का नाम है फूट।
वहीं राधा-कृष्ण का नाम है फूट।
16 / 24
मुरली की धुन में राधा का नाम,
यही तो कृष्ण का सच्चा काम।
यही तो कृष्ण का सच्चा काम।
17 / 24
प्रेम में दूरी भी नज़दीकी बने,
राधा-कृष्ण की यही कहानी बने।
राधा-कृष्ण की यही कहानी बने।
18 / 24
गोपियों संग रास रचाया कान्हा,
पर दिल में बस राधा ही राधा।
पर दिल में बस राधा ही राधा।
19 / 24
इश्क़ अमर है राधा-श्याम का,
ना कोई अंत, ना कोई थाम का।
ना कोई अंत, ना कोई थाम का।
20 / 24
प्रेम की मिसाल यहीं से शुरू हुई,
राधा के दिल से कान्हा तक पहुंची।
राधा के दिल से कान्हा तक पहुंची।
21 / 24
कदम्ब के पेड़ तले वो प्रेम पला,
राधा-कृष्ण का किस्सा सबने सुना।
राधा-कृष्ण का किस्सा सबने सुना।
22 / 24
जहां भक्ति और प्रेम एक हो जाएं,
वहीं राधा-कृष्ण के गीत गाए जाएं।
वहीं राधा-कृष्ण के गीत गाए जाएं।
23 / 24
विरह भी इश्क़ की एक भाषा है,
राधा के प्रेम की यही आशा है।
राधा के प्रेम की यही आशा है।
24 / 24
राधा-कृष्ण का इश्क़ सदा अमर रहे,
हर दिल में यह प्रेम गीत सदा बहे।
हर दिल में यह प्रेम गीत सदा बहे।

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