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Respect Shayari in Hindi
इज़्ज़त कमाई जाती है, मांगी नहीं जाती — दो लाइनों में असली बात
इज़्ज़त कोई ऐसी चीज़ नहीं जो पद से मिल जाए — यह तो किरदार और व्यवहार से कमाई जाती है। जो इंसान दूसरों को इज़्ज़त देना जानता है, वही असल में इज़्ज़त पाने का हक़दार होता है। यही सबसे सच्चा नियम है ज़िंदगी का।
आज के दौर में लोग रुतबे को इज़्ज़त समझ बैठते हैं, जबकि सच यह है कि विनम्रता और सम्मान ही असली पहचान बनाते हैं। जो झुकना जानता है, वही असल में सबसे ऊंचा खड़ा होता है।
यह शायरी उन सभी को समर्पित है जो इज़्ज़त की असली परिभाषा समझते हैं — बिना दिखावे के, बिना मांगे, सिर्फ अपने व्यवहार से।
The Collection
01 / 24
इज़्ज़त मांगी नहीं, कमाई जाती है,
यह तो किरदार से ही आती है।
यह तो किरदार से ही आती है।
02 / 24
जो दूसरों को इज़्ज़त देना जाने,
वही असल में इज़्ज़त पाने लायक माने।
वही असल में इज़्ज़त पाने लायक माने।
03 / 24
रुतबा बदल सकता है वक्त के साथ,
इज़्ज़त बनी रहती है साथ के साथ।
इज़्ज़त बनी रहती है साथ के साथ।
04 / 24
झुकना कमज़ोरी नहीं, अदब है,
यही असली इज़्ज़त का सबब है।
यही असली इज़्ज़त का सबब है।
05 / 24
इज़्ज़त देने से इज़्ज़त बढ़ती है,
छीनने से बस दूरी ही मिलती है।
छीनने से बस दूरी ही मिलती है।
06 / 24
जो अपनों की कद्र नहीं करता,
वो इज़्ज़त की भाषा नहीं समझता।
वो इज़्ज़त की भाषा नहीं समझता।
07 / 24
पैसे से इज़्ज़त कभी नहीं मिलती,
यह तो सच्चे व्यवहार से खिलती है।
यह तो सच्चे व्यवहार से खिलती है।
08 / 24
बड़ों का आदर, छोटों से प्यार,
यही तो है इज़्ज़त का असली आधार।
यही तो है इज़्ज़त का असली आधार।
09 / 24
जो खुद को बड़ा समझता है सदा,
वो इज़्ज़त पाने से रहता है जुदा।
वो इज़्ज़त पाने से रहता है जुदा।
10 / 24
इज़्ज़त की भाषा शब्दों में नहीं,
यह तो व्यवहार में झलकती सही।
यह तो व्यवहार में झलकती सही।
11 / 24
जो इंसान सबका सम्मान करे,
वही दिलों पे असली राज करे।
वही दिलों पे असली राज करे।
12 / 24
ताकत से डर तो मिल सकता है,
इज़्ज़त सिर्फ प्यार से मिलता है।
इज़्ज़त सिर्फ प्यार से मिलता है।
13 / 24
जो पीठ पीछे तारीफ़ करे,
असली इज़्ज़त वही इंसान करे।
असली इज़्ज़त वही इंसान करे।
14 / 24
इज़्ज़त देने में कमी ना करो,
वापस मिलने की उम्मीद रखो।
वापस मिलने की उम्मीद रखो।
15 / 24
जो खुद को नीचा दिखाना जाने,
वही असल में ऊंचा पहचाने।
वही असल में ऊंचा पहचाने।
16 / 24
बोलचाल में मिठास जो रखे,
वही इंसान इज़्ज़त सदा पाए।
वही इंसान इज़्ज़त सदा पाए।
17 / 24
इज़्ज़त कमाना मुश्किल राह है,
पर गंवाना बस एक पल की बात है।
पर गंवाना बस एक पल की बात है।
18 / 24
जो सुनना जाने, समझना जाने,
वो दिलों में इज़्ज़त बनाए।
वो दिलों में इज़्ज़त बनाए।
19 / 24
पद से नहीं, फ़र्ज़ से मिलती इज़्ज़त,
यही है सच्चाई की असली हिम्मत।
यही है सच्चाई की असली हिम्मत।
20 / 24
जो हर किसी से बराबरी से मिले,
वही इंसान सबके दिल में खिले।
वही इंसान सबके दिल में खिले।
21 / 24
इज़्ज़त देना सिखाती है परवरिश,
यही तो है असली दौलत की गुज़ारिश।
यही तो है असली दौलत की गुज़ारिश।
22 / 24
जो चुप रहकर भी असर छोड़ जाए,
वो इंसान इज़्ज़त का हक़दार कहलाए।
वो इंसान इज़्ज़त का हक़दार कहलाए।
23 / 24
इज़्ज़त की कदर वही जानता है,
जिसने इसे खोकर पहचाना है।
जिसने इसे खोकर पहचाना है।
24 / 24
जो अपने काम से पहचान बनाए,
इज़्ज़त खुद चलकर उसके पास आए।
इज़्ज़त खुद चलकर उसके पास आए।

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